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Bhutadi Amavasya 2024 : चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या? क्या भूतों से है संबंध या है कोई रहस्य,

Bhutadi Amavasya 2024 : चैत्र महीने की तिथि में वाली अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya )कहा जाता है। इस अमावस्या पर लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति, श्राद्धकर्म, तर्पण और पिंडदान करते है इसलिए इस अमावस्या को महत्वपूर्ण माना जाता है।

जैसे अंग्रेजी कैलेंडर में 12 महीने होते है ठीक उसी प्रकार हिंदू कैलेंडर या यूँ कहे पंचाग भी 12 महीने का ही होता है। हर साल 12 अमावस्या होती है यानी की हर महीने की 1 अमावस्या और सभी की अपनी अलग मान्यताएं होती है।

लेकिन फ़िलहाल हम बात कर रहे है चैत्र महीने की जो हमारे हिंदू कैलेंडर या पंचांग के अनुसार सबसे आखरी महीना होता है जोकि अंग्रेजी कैलेंडर के मार्च-अप्रैल माह में पड़ती है। चैत्र माह को हिंदू धर्म में धार्मिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या भी उतनी ही खास होती है। इसे भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) कहा जाता है।

चैत्र महीने की अमावस्या पर लोग अपने पितरों के तर्पण के साथ ही अनेक तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं। भूतड़ी अमावास्या पर लोग पवित्र नदी में स्नान, ब्राह्मणदेव को दक्षिणा और गरीबों को दान, विधि द्वारा पितरों का तर्पण, व्रत और पूजा करते है। जिससे पितरों को शांति एवं लोगो को पितरों तथा ब्राम्हणों और गरीबो का आशीर्वाद मिलता है जानते हैं इस साल कब पड़ रही है भूतड़ी अमावस्या।

Bhutadi Amavasya Tithi भूतड़ी अमावस्या तिथि, मुहूर्त और शुभ योग

इस बार वर्ष 2024 में 8 अप्रैल को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की आखिरी अमावस्या पड़ने वाली है। इस बार यह दिन सोमवार है इसलिए इसको सोमवती अमावस्या भी कह सकते है।

एक अनोखा संयोग यह भी है की इसी द‍िन साल का प्रथम सूर्यग्रहण भी लगाने जा रहा है। भारतीय समयानुआर यह ग्रहण 8 अप्रैल को रात्रि 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो की रात्रि में लगभग 2 बजकर 22 मिनट पर पूर्ण होगा।

जैसा की आपको बताया इस बार भूतड़ी अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी है और इस समय राहु अपने पर उग्र होता है, जिससे यह संयोग घातक बन रहा है। इसलिए इस दिन कमज़ोर व्यक्ति की देखभाल और खुद को सतर्क रखना चाहिए।

Why it is called Bhutadi Amavasya? : चैत्र अमावस को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या

भूतड़ी अमावस (Bhutadi Amavasya) का नाम सुनकर कई लोग सबसे पहले इसे भूतों से जोड़कर देखते है। लेकिन हाँ इस अमावस्या को हम नकारात्मक शक्तियों से जोड़कर जरूर देख सकते है। हमारे धर्म और ज्‍योतिषि जानकारों के अनुसार भूतड़ी अमावस पर नकारात्मक शक्तियां अपने परम उग्र पर रहती हैं।

मान्यता के अनुसार चैत्र अमावस्या यानी (Bhutadi Amavasya) भूतड़ी अमावस्या के दिन ऐसे व्यक्ति जो अकाल मृत्यु हुई को प्राप्त हुए हो, यानी अतृप्त या मोक्ष के लिए भटकने वाली आत्माएं किसी भी कमज़ोर व्यक्ति के शरीर के अन्दर प्रवेश कर अपनी अतृप्त इच्‍छाएं पूरी करने की कोशिश करती हैं। भूतड़ी अमावस के दिन उग्र आत्माएं कभी कभी कमज़ोर व्यक्ति के शरीर को अपना शिकार बनाने में सफल हो जाती हैं।

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मान्यताओं के आधार पर कहा जा सकता है की अपने रूठे हुए प‍ितृदेवो को मनाने और उन्‍हें शांत कर तृप्त करने का भी यही समय माना जा सकता है। अगर लोग अपने प‍ितृों को नजरअंदाज और अपमानित कर रहे हैं, विवाह और इत्यादि कार्यो में उनकी अनदेखी कर रहे हैं, तो वह अतृप्‍त और अशांत हो जाते है। इस दिन आप पितरों के क्रोध को शांत कर सकते हैं अगर आप ऐसा नहीं करते तो वह आपको कई अन्य माध्यमों से परेशान कर सकते हैं। इस कारण इसे भूतड़ी अमावस्या कहते हैं।

Significant of Bhutadi Amavasya : चैत्र / भूतड़ी अमावस्या का महत्व

ज्योतिषियों के अनुसार भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) पर अपने रूठे पितरों को मनाना चाहिए। इस दिन उनका श्रद्धा और स्वथ्य मन से श्राद्ध और तर्पण कर पितरों को प्रसन्न और शांत किया जा सकता है। मनुष्य को पितरों को मोक्ष की प्राप्ति करवाने और दुर्गति से सद्गति के प्राप्त करवाने लिए अमावस्या का व्रत रखना चाहिए। कहते है की आज के दिन के व्रत करने वाले को अमोघ फल की भी प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान भूतेश्वर भूतनाथ महादेव की पूजा भी रक्षक होती है।

What to do Bhutadi Amavasya? : भूतड़ी अमावस्या पर क्या करें?

1. भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) के दिन दान का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन लोग अपने पितरों के निमित्त दान करते है जिससे दान का फल उन्हें मोक्ष प्राप्त करने में मदद करता है। इस दिन आप गौ, धन, कपडे या इच्छानुसार किसी भी वास्तु का दान कर सकते है।

2. व्यक्ति को भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) के दिन पवित्र नदी, किसी पवित्र जलाशय में स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर अपने पितृदेव का तर्पण करना चाहीये।

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3. भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) पर आप गरीबो को अपने पितरों के नाम पर चप्पल, कपडे या मिठाई दान कर सकते है।

4. भूतड़ी अमावस्या पर ब्राह्मण भोज का गरीबो को भोजन का भी महत्त्व है।

5. भूतड़ी अमावस्या पर पीपल के पेड़ के निचे दिया जलाये और शनि महाराज को नील पुष्प, सरसों का तेल और काली तिल अर्पण करे।

भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) पर घर तथा खुद के रक्षा उपाय

  1. 108 बार विष्णु कवच का पाठ।
  2. 108 बार देवी कवच का पाठ करें।
  3. आप गरुड़ पुराण का पाठन भी कर सकते हैं।
  4. भगवान देवाधि देव भूतनाथ भूतेश्वर शिव की पूजा से भी नकारात्मक शक्ति दूर रहेगी।

दोस्तों, इस उम्मीद है आपको इस आर्टिकल से भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya) की जानकारी जरुर मिली होगी। अगले आर्टिकल में हमने भूतड़ी अमावस्या की कथा का वर्णन किया है। कृपया आप उसे भी जरूर रीड करे।

Disclaimer: यह जानकारी इंटरनेट सोर्सेज के माध्यम से ली गयी है। जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। धर्मकहानी का उद्देश्य सटीक सूचना आप तक पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता सावधानी पूर्वक पढ़ और समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इस जानकारी का उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। अगर इसमें आपको कोई गलती लगाती है तो कृपया आप हमें हमारे ऑफिसियल ईमेल पर जरूर बताये।

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