Pashupatinath Aarti

पशुपतिनाथ आरती (Pashupatinath Aarti) | संपूर्ण हिंदी Lyrics, PDF Download, अर्थ एवं लाभ

Pashupatinath Aarti : पशुपतिनाथ आरती का संपूर्ण हिंदी Lyrics, PDF Download, आरती का अर्थ, पूजा विधि, पाठ का महत्व और भगवान पशुपतिनाथ की संपूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर पढ़ें। पशुपतिनाथ व्रत (Pashupatinath Vrat ) मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता हैं। कहते हैं की यदि आपकी कोई मनोकामना हो या कोई बीमारी हो गयी हो उससे मुक्ति चाहते हैं तो पशुपति व्रत किया जाता हैं। भगवान शिव को कही नामों से जाना जाता हैं और भोलेनाथ ने जनकल्याण के लिए कई अवतार लिए उसी में से एक अवतार पशुपतिनाथ हैं। भगवान शिव को ही पशुपतिनाथ के नाम से जाना जाता हैं। पशुपतिनाथ भगवान को प्रशन्न करने के लिए पशुपतिनाथ व्रत (Pashupatinath Vrat ) किया जाता हैं। 

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भगवान शिव का भगवान पशुपतिनाथ स्वरूप हैं। ‘पशुपति’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—‘पशु’ अर्थात समस्त जीव-जंतु और प्राणी, तथा ‘पति’ अर्थात स्वामी या रक्षक। इसलिए भगवान पशुपतिनाथ को संपूर्ण सृष्टि के सभी प्राणियों के पालनकर्ता और रक्षक के रूप में पूजा जाता है।

भगवान पशुपतिनाथ की विशेष पूजा श्रावण मास, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन की जाती है। इस दौरान भक्त पशुपतिनाथ आरती, शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

पशुपतिनाथ व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता हैं।  कहते हैं की यदि आपकी कोई मनोकामना हो या कोई बीमारी हो गयी हो उससे मुक्ति चाहते हैं तो पशुपति व्रत किया जाता हैं। पशुपतिनाथ व्रत करने के 3 माह के अंदर ही आपकी मनोकामना पूरी हो जाती हैं।  

॥ Pashupatinath Aarti Hindi Lyrics : पशुपतिनाथ आरती ॥

Pashupati ki aarti

Pashupatinath Aarti Lyrics in Hindi – पशुपतिनाथ की आरती 

जय पशुतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||

भक्त जनों की संकट 

दासों जनों के संकट 

पल में दूर करें।

जय पशुपतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||

अष्टमुखी शिव नाम तिहारो 

शरण में आए तेरे 

स्वामी शरण में आए तेरे 

इक्षा फल प्रभु देहु

कष्ट हटाओ मेरे।

जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||

शिव ना तट पर आप बिराजे 

पूजे नर नारी

निशदिन तुमको ध्यावे 

भक्तन हितकारी।

जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||

तुम हो जग के स्वामी शंभू 

अन धन के भरता 

स्वामी अन धन के भरता

अष्टमुखी त्रिपुरारी 

जग तम के हरता।

जय पशुपतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||

तन मन धन सब अर्पण 

आरती भोले गाएं 

तुम हो दया के सागर 

द्वार तुम्हारे आए।

जय पशुपतिनाथ हरे  

जय पशुपतिनाथ हरे ||

दास जनों के संकट 

दासों जनों के संकट 

पल में दूर करें।

जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||

Pashupatinath Vrat Vidhi 

पशुपतिनाथ आरती का हिंदी अर्थ

पशुपतिनाथ आरती (Pashupatinath Aarti) में भगवान शिव के पशुपति स्वरूप की महिमा के बारे में बताया गया है। इस भगवान पशुपतिनाथ की आरती से कैसे भक्त भगवान शिव को समस्त प्राणियों के स्वामी, संसार के पालनकर्ता और भक्तों के दुःखों का नाश करने वाले देव के रूप में प्रणाम करते हैं।

आरती में भगवान पशुपतिनाथ के दिव्य स्वरूप उनकी कृपा और लीलाओं का गुणगान किया जाता है। यह भी बताया हैं की यदि भक्त निरंतर शिव की पूजा अर्चना या आरती का गान करता हैं तो भगवान शिव उनके जीवन से भय, रोग, दुख, पाप और सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करें तथा उन्हें धर्म, ज्ञान, सुख और मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं।

पशुपतिनाथ आरती (Bhagwan Pashupatinath Aarti) की हर लाइन में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और उनकी महिमा के बारे मे बताया है। भगवान पशुपतिनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करके सुख शांति प्रदान करते हैं।

यदि इस Pashupatinath Aarti आरती का नियमित रूप से या सोमवार, महाशिवरात्रि, श्रावण मास या किसी भी शुभ अवसर पर पाठ किया जाए, तो भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Pashupatinath Aarti PDF

यदि आप भगवान पशुपतिनाथ की आरती को Download करना चाहते हैं तो निचे दी गयी लिंक से कर सकते हैं। जब आप पशुपतिनाथ आरती डाउनलोड कर लगे आप इसे मंदिर में लगा सकते हैं या अपने फ़ोन में रख सकते हैं जब भी आपको bhagwan pashupati aarti करना हो तब कर सकते हैं।

Download Pashupati Aarti PDF

पशुपति आरती कब करनी चाहिए?

पशुपति आरती आप प्रतिदिन प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के समय) तथा सायंकाल (सूर्यास्त के बाद) कर सकते हैं। यदि आप पशुपतिनाथ व्रत किया हैं तो प्रातः काल और संध्या के समय प्रदोष काल में अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार, श्रावण मास, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ पशुपति आरती (Bhagwan Pashupatinath Aarti) करने से भगवान शिव प्रसन्न होते है।

  • Bhagwan Pashupatinath Aarti से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।
  • भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धूप और दीप अर्पित करें तथा शांत मन से आरती का पाठ करें।
  • नियमित रूप से पशुपति आरती (Pashupatinath Aarti) करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होने की मान्यता है।
  • आरती करते समय ध्यान रखे की आरती सही से पढ़ें गलती ना करें।

Pashupatinath Mandir Mandsaur

पशुपति आरती करने से क्या लाभ होते हैं ?

पशुपति आरती करने का विशेष लाभ होता हैं। भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती हैं। शिव पुराण मैं तो लिखा हैं की यदि पशुपति व्रत करें शिव की पूजा , अर्चना , आरती करें तो आपकी मनोकामना 3 महीने में ही पूरी हो जाती हैं।

आपके जीवन में कितना भी बड़ा संकट हों दूर हो जाता हैं। पशुपतिनाथ व्रत करने पर आरती तथा शिव रुद्राभिषेक का बहुत महत्त्व माना गया हैं। यदि आपको बड़ी से बड़ी बीमारी हो वो भी दूर करने की ताकत होती हैं भगवान शिव में ,

पशुपतिनाथ आरती से जुड़े सवाल

पशुपतिनाथ की आरती (Pashupatinath Aarti) से जुड़े सवाल और इनके जवाब आपको जरूर जानना चाहिए।

Bhagwan Pashupatinath Aarti

Pashupatinath Aarti किस भगवान की आरती है?

पशुपतिनाथ आरती भगवान शिव के पशुपति स्वरूप को समर्पित है। इस आरती का पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

पशुपतिनाथ आरती का पाठ कब करना चाहिए?

पशुपतिनाथ आरती का पाठ (Pashupatinath Aarti) प्रतिदिन प्रातःकाल और संध्याकाल किया जा सकता है। पशुपतिनाथ व्रत करने वाले प्रातः काल और शाम को प्रदोष काल में करना चाहिए। सोमवार, श्रावण मास, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि के दिन इसका विशेष महत्व माना जाता है।

क्या सोमवार के दिन पशुपतिनाथ आरती करना शुभ होता है?

हाँ, बिलकुल सोमवार के दिन पशुपतिनाथ आरती करते हैं तो बहुत शुभ माना जाता हैं। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित हैं और भगवान पशुपतिनाथ शिव के ही स्वरुप हैं इसीलिए सोमवार, श्रावण मास, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि के दिन आरती करनी ही चाहिए।

क्या पशुपतिनाथ आरती का पाठ घर पर किया जा सकता है?

हाँ, परन्तु कुछ बातों का विशेष ध्यान रख कर की स्वत्छ स्थान पर बैठ कर भोलेनाथ की फोटो या शिवलिंग के सामने बेथ कर धुप दिप लगा कर आरती करना चाहिए।

मासिक धर्म के दौरान पशुपतिनाथ आरती करनी चाहिए?

नहीं , सनातन धर्म में मासिक धर्म में पूजा , आरती व मंदिर जाने को निषेद माना गया हैं इसीलिए मासिक धर्म के दौरान पशुपतिनाथ भगवान की आरती नहीं करते हैं।

क्या पशुपतिनाथ आरती के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है?

हाँ, कई श्रद्धालु आरती से पहले या बाद में महामृत्युंजय मंत्र अथवा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप भी करते हैं।

भगवान पशुपतिनाथ आरती

भगवान पशुपतिनाथ आरती (Pashupatinath Aarti) के बारे में आपके साथ सभी जानकारी साझा कर दी हैं यदि आप नेपाल के प्रसिध्द पशुपति मंदिर के बारे में जानना चाहते हैं। तो कमेंट में लिखे मैं जानकारी जरूर शेयर करेंगे। अपने विचार भी जरूर साझा करें की आज की दी गयी यह जानकारी कैसी लगी। यदि आप भी आपके जीवन के सभी दुःख संकट दूर करना चाहते हैं तो सावन आने वाला हैं इस सावन माह मैं भगवन शिव की पूजा अर्चना कर प्रसन्न करें।

धर्मकहानी :- धर्म कहानी पर हम धर्म से जुडी जानकारी आपके साथ साझा करते हैं। यह सत्य कोई नहीं नकार सकता की इस कलयुग में भक्ति ही एक ऐसा मार्ग है जो हमें मुक्ति दिला सकता हैं इसीलिए हम सनातन धर्म की रक्षा के लिए आपके साथ भगवान की लीलाये , चालीसा , आरती तथा कहानियाँ साझा करते हैं। यदि आप भी धर्म से जुडी कोई जानकारी जानना चाहते हैं कमेंट में जरूर बताये।

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2 thoughts on “पशुपतिनाथ आरती (Pashupatinath Aarti) | संपूर्ण हिंदी Lyrics, PDF Download, अर्थ एवं लाभ”

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