Aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: 23 जनवरी 2026, पंचांग, मुहूर्त और चौघड़िया

आज की तिथि: 23 जनवरी 2026
आज 23 जनवरी 2026, शुक्रवार का दिन है। आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जिसे पूरे भारत में वसंत पंचमी के महापर्व के रूप में मनाया जाता है। आज का दिन माँ सरस्वती की आराधना और विद्यारंभ संस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही आज ‘अबूझ मुहूर्त’ होने के कारण किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।

Aaj Ki Tithi : आज की मुख्य तिथियाँ

यह पंचांग गणना मध्य भारत (उज्जैन/इंदौर) के मानक समय पर आधारित है। आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार शुभ और अशुभ समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

आज का पंचांग

नीचे Aaj Ki Tithi और आज के पंचांग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण समय और मुहूर्त दिए गए हैं।

अंगविवरण
तिथिमाघ शुक्ल पंचमी (दोपहर 03:07 PM तक, फिर षष्ठी)
वारशुक्रवार
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद (शाम 05:07 PM तक, फिर रेवती)
योगशिव (दोपहर 02:40 PM तक), फिर सिद्ध”
करणबालव (दोपहर 03:07 PM तक), फिर कौलव

माह, पक्ष और संवत

तत्वविवरण
माहमाघ
पक्षशुक्ल
ऋतुशिशिर (वसंत ऋतु का आगमन)
विक्रम संवत2082
कलियुग संवत5126

तिथि का समय

तिथिसमय
वर्तमान तिथि (पंचमी)22 Jan 02:08 PM से 23 Jan 03:07 PM तक
अगली तिथि (षष्ठी)23 Jan 03:07 PM से 24 Jan 04:36 PM तक

व्रत / पर्व और विशेष जानकारी

विवरणजानकारी
व्रत / पर्ववसंत पंचमी / सरस्वती पूजा
विशेष मान्यता1. आज माँ सरस्वती का प्राकट्य दिवस है।
2. यह एक ‘अबूझ मुहूर्त’ है, जिसमें विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश अत्यंत शुभ होते हैं।
अग्नि / शिव वासअग्नि वास पृथ्वी पर (दोपहर 03:07 PM तक) है। शिव वास वृषारूढ़ (दोपहर 03:07 PM तक) है, जो रुद्राभिषेक के लिए अति उत्तम है।

सूर्य और चंद्र संबंधी विवरण (Local Time)

सूचना: नीचे दिए गए समय स्थान के अनुसार बदलते हैं।
तत्वसमय (अनुमानित)
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चंद्रोदय10:25 AM
चंद्रास्त11:05 PM

चंद्र संबंधित विवरण

तत्वविवरण
चंद्र स्थितिमीन राशि (Pisces) में संचरण

शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमय
सरस्वती पूजा मुहूर्त 07:14 AM से 12:33 PM तक (सर्वश्रेष्ठ समय)
ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:20 AM
अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:55 PM

अशुभ काल

कालसमय
राहुकाल11:13 AM – 12:33 PM
यमगण्ड काल03:13 PM – 04:33 PM
गुलिक काल08:34 AM – 09:54 AM

दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चर07:14 AM – 08:34 AMसामान्य
लाभ08:34 AM – 09:54 AMशुभ
अमृत09:54 AM – 11:13 AMबहुत शुभ
काल11:13 AM – 12:33 PMअशुभ
शुभ12:33 PM – 01:53 PMशुभ
रोग01:53 PM – 03:13 PMअशुभ
उद्वेग03:12 PM – 04:33 PMअशुभ
चर04:33 PM – 05:52 PMसामान्य

रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोग05:52 PM – 07:33 PM,अशुभ
काल07:32 PM – 09:12 PMअशुभ
लाभ09:12 PM – 10:52 PMशुभ
उद्वेग10:52 PM – 12:33 AMअशुभ
शुभ12:33 AM – 02:13 AMशुभ
अमृत02:13 AM – 03:54 AMबहुत शुभ
चर03:54 AM – 05:34 AMसामान्य
रोग05:34 AM – 07:15 AMअशुभ

Preview

सूचना:
चौघड़िया का समय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर तय होता है,
इसलिए यह हर शहर में अलग-अलग हो सकता है।
अपने स्थान के अनुसार समय देखें।

वसंत पंचमी का महत्व क्यों है?

शास्त्रों के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी के मुख से देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। आज के दिन पीले वस्त्र पहनना, केसरिया भात (पीले चावल) बनाना और माँ सरस्वती को पीले फूल चढ़ाना बहुत फलदायी माना जाता है।

अबूझ मुहूर्त क्या होता है?

कुछ दिन इतने शुभ होते हैं कि उनमें कोई भी नया काम शुरू करने के लिए पंडित जी से मुहूर्त पूछने की जरूरत नहीं होती। वसंत पंचमी उन्हीं में से एक है। आज के दिन बिना किसी हिचकिचाहट के विवाह या गृह प्रवेश किया जा सकता है।

पंचांग देखने की ज़रूरत क्यों पड़ती है?

पंचांग दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय स्थिति बताता है। इसी से यह समझ आता है कि पूजा, व्रत या कोई शुभ कार्य किस समय करना उचित रहेगा। ग्रंथों में भी पंचांग को दिनचर्या का मार्गदर्शक माना गया है।

तिथि और तारीख एक जैसी क्यों नहीं होती?

तारीख सूर्य की गणना से बनती है, जबकि तिथि चंद्रमा की गति पर आधारित होती है। इसी कारण कई बार एक ही तारीख में तिथि बदल जाती है। धार्मिक कार्य हमेशा तिथि देखकर ही किए जाते हैं।

क्या पंचांग पूरे भारत में एक-सा होता है?

पंचांग के मुख्य तत्व जैसे तिथि, नक्षत्र और योग लगभग समान रहते हैं। लेकिन सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और चौघड़िया जैसे समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। इसीलिए स्थानीय समय देखना ज़रूरी माना जाता है।

राहुकाल और चौघड़िया क्यों देखे जाते हैं?

इन समयों को दिन की सावधानी और अनुकूलता समझने के लिए देखा जाता है। कुछ काल नए कार्य के लिए ठीक माने जाते हैं, तो कुछ में रुकना बेहतर होता है। इससे अनावश्यक नुकसान से बचने में मदद मिलती है।

व्रत और पर्व का सही समय कैसे तय होता है?

व्रत और पर्व की मान्यता तिथि और पंचांग गणना पर निर्भर करती है। इसी के अनुसार व्रत रखना, पारणा करना और पूजा का समय तय किया जाता है। गलत समय पर किया गया व्रत पूर्ण फल नहीं देता।

क्या रोज़ पंचांग देखना ज़रूरी है?

रोज़ पंचांग देखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह दिन को सही ढंग से समझने में मदद करता है। खासतौर पर व्रत, यात्रा या कोई महत्वपूर्ण निर्णय हो तो पंचांग देखना लाभकारी माना गया है।

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