Delhi Kilkari Bhairav Jayanti

Kilkari Bhairav Jayanti 2027 : किलकारी भैरव जयंती

Kilkari Bhairav Jayanti 2027 Date: दिल्ली किलकारी भैरव जयंती पर्व के दिन पंखा यात्रा निकाली जाती हैं। भक्त जोर शोर से बाबा भैरव की पूजा अर्चना करते हैं। महादेव का भयंकर रूप भैरव बाबा को माना गया हैं भैरव जयंती का पर्व पुरे देशभर में जोर शोर से मनाया जाता हैं। परन्तु भैरव जयंती अलग अलग हिस्सों में अलग अलग दिन मनाई जाती हैं।

Kilkari Bhairav Jayanti 2027

दिल्ली के सुप्रसिद्ध किलकारी भैरव मंदिर में पौष माह की द्वितीया के दिन भैरव जयंती मनाई जाती हैं इसीलिए इसे भैरव द्वितीय भी कहा जाता हैं। हर वर्ष यह अलग अलग तारीख पर आती हैं इस वर्ष 10 जनवरी 2027 रविवार के दिन आ रही हैं। दिल्ली के सुप्रसिद्ध किलकारी भैरव मंदिर में पौष माह की द्वितीया के दिन भैरव जयंती मनाई जाती हैं कियुकी इसी दिन किलकारी भैरव बाबा का प्राकट्य दिवस भी हैं।

इसे भैरवाष्टमी, भैरव जयंती, काल-भैरव अष्टमी और काल-भैरव जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। बाबा भैरव की पूजा तांत्रिक गतिविधयों मैं रूचि रखने वाले लोग विशेष तरीके से करते हैं. इस दिन बाबा भैरव की पूजा-अर्चना विशेष रूप से सफलता, धन, स्वास्थ्य और बाधा दूर करने के लिए की जाती है।

मान्यता हैं की किलकारी भैरव जयंती के दिन व्रत रखने से मनुष्योँ के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। व मुक्ति का मार्ग खुल जाता हैं।

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Kilkari Bhairav Jayanti 2027 Date : कब हैं किलकारी भैरव जयंती ?

भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भैरव जयंती का उत्सव (Delhi Kilkari Bhairav Jayanti Utsav) को द्वितीय के दिन या बाद वाले अगले रविवार को मनाया जाता है। दिल्ही के आस-पास के क्षेत्र मे भैरव जयंती किलकरी भैरव मंदिर के अनुसार मनाई जाती है।

S.No.किलकारी भैरव जयंती उत्सव की सम्पूर्ण जानकारी
1.उत्सव का नाम किलकारी भैरव जयंती 2027
2.उत्सव का कारण किलकारी भैरव का प्राकट्य दिवस / भैरव जयंती।
3.उत्सव के विभिन्न नाम भैरवाष्टमी, दिल्ली किलकारी भैरव जयंती , भैरव द्वितीय।
4.किलकारी भैरव जयंती 2027 तारीख10 जनवरी 2025 रविवार
5 . उत्सव प्रारम्भ किलकारी भैरव जयंती का उत्सव पौष माह के प्रथम दिवस से प्रारम्भ होता हैं।

How to Celebrate Kilkari Bhairav Jayanti : दिल्ली किलकारी भैरव जयंती कैसे मनायी जाती हैं ?

किलकारी भैरव जयंती (Kilkari Bhairav Jayanti Celebration) या कहे किलकारी भैरव प्राकट्य उत्सव कैसे मनाया जाता हैं। दिल्ली के इस सुप्रसिद्ध मंदिर मैं तथा आस पास के सभी भैरव मंदिरो में इस दिन भैरव बाबा की पूजा की जाती हैं। भैरव बाबा को सजाने के लिए कलाकार दूर दूर से आते हैं।

इस दिन भैरव बाबा की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता हैं जिसमें भरी संख्या में भक्त भाग लेते हैं। किलकारी भैरव जयंती के दिन एक भव्य यात्रा निकली जाती हैं जिसे पंखा यात्रा का नाम दिया गया हैं।

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चुकी किलकारी भैरव जयंती का प्रारम्भ पौष माह के प्रथम दिन से हो जाता हैं इसीलिए एक दिन पहले से मंदिर में भजन ,कीर्तन प्रारम्भ हो जाता हैं। भक्त रात भर भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए भजन कीर्तन करते हैं।

इस दिन हज़ारो की संख्या में भक्त दर्शन करते हैं जिससे पुलिस व्यवस्था कई दिन पहले से लगनी पड़ती हैं। भैरव बाबा के भक्त इस दिन भरी मात्रा में दर्शन के लिए लाइन में लगते हैं।

दिल्ली किलकारी भैरव मंदिर के दो खंड हैं दूधिया भैरव मंदिर और एक किलकारी भैरव मंदिर दोनों ही खंडो में भक्त दर्शन करते हैं। भारी मात्रा में दूधिया खंड में दूध और किलकारी भैरव खण्ड में मदिरा चढाई जाती हैं। मदिरा छोड़ने के लिए यह दिन बहुत ही शुभ मन गया हैं। किलकारी भैरव जयंती के दिन बाबा को अपनी आखरी मदिरा समर्पित करना चाहिए।

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धर्मकहानी :- धर्म कहानी पर हम धर्म से जुडी जानकारी आपके साथ साझा करते हैं। आज हमने किलकारी भैरव जयंती स्पेशल (kilkari bhairav jayanti Special)के बारें में साझा की हैं। यह सत्य कोई नहीं नकार सकता की इस कलयुग में भक्ति ही एक ऐसा मार्ग है जो हमें मुक्ति दिला सकता हैं इसीलिए जब आप किलकारी भैरव जयंती स्पेशल (Kilkari Bhairav Jayanti Pujan) के दिन पूजा करें , हम सनातन धर्म की रक्षा के लिए आपके साथ भगवान की लीलाये , चालीसा , आरती तथा कहानियाँ साझा करते हैं। यदि आप भी धर्म से जुडी कोई जानकारी जानना चाहते हैं कमेंट में जरूर बताये।

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