Kameshwar Mahadev 13 Mahadev

Kameshwar Mahadev : 84 महादेव यात्रा के 13वें महादेव का इतिहास और पौराणिक कथा

Kameshwar Mahadev : यदि आप उज्जैन के प्रसिद्ध 84 महादेव यात्रा पर निकले हैं, तो श्री कामेश्वर महादेव उज्जैन के दर्शन करना आपके लिए सौभाग्य का द्वार खोलने जैसा है। इस पावन यात्रा श्रृंखला में इन्हें Kameshwar Mahadev 13th Mahadev माना जाता है। उज्जैन (अवंतिका) की पावन भूमि सिर्फ देवों के देव महादेव की ही नहीं, बल्कि उनके अनूठे 84 स्वरूपों की भी दिव्य स्थली है।

Kameshwar Mahadev ko local लोग श्रद्धा से श्री मनकामनेश्वर महादेव या मनकामेश्वर महादेव भी कहते हैं। मान्यता है कि यहाँ श्रद्धा और विश्वास से पूजा करने से भक्तों की अधूरी कामनाएं पूरी हो जाती हैं और गृहस्थ जीवन खुशियों से भर जाता है। आइए, जानते हैं कि इस मंदिर का सटीक लोकेशन क्या है, इसकी पौराणिक कथा क्या है और यहाँ दर्शन करने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं।

Ujjain 84 Mahadev Kameshwar Mahadev(13): श्री कामेश्वर महादेव उज्जैन

स्कंद पुराण के अवंति खंड में इस मंदिर के महात्म्य को लेकर एक बहुत ही सुंदर श्लोक मिलता है:

“विद्धि कामेश्वरं देवि तत्र लिङ्ग त्रयोदशम्।

यस्य दर्शनमात्रेण सौभाग्यं जायते शुभम्।।”

सरल अर्थ: हे देवी! तुम जानो कि अवंतिका क्षेत्र में स्थित यह त्रयोदश (13वां) शिवलिंग ‘कामेश्वर’ है, जिसके केवल दर्शन कर लेने मात्र से ही मनुष्य को शुभ और परम सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

श्री कामेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन कहाँ स्थित है? (Kameshwar Mahadev Location & Route)

यदि आप उज्जैन यात्रा पर हैं, तो शिप्रा नदी के सुंदर गंधर्व घाट पर जाकर आप इनके दर्शन कर सकते हैं

  • सटीक स्थान: शिप्रा नदी गंधर्व घाट कामेश्वर महादेव मंदिर पुरानी छोटी रपट के पास स्थित है। घाट के समीप करीब 6 से 7 सीढ़ियाँ चढ़ने के बाद आप इस मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर सकते हैं।
  • आस-पास के अन्य मंदिर: इस मंदिर के ठीक पीछे 20वें महादेव (श्री प्रतिहारेश्वर) और 79वें महादेव (श्री हनुमंतेश्वर / दुग्धहर्षेश्वर) भी स्थापित हैं, जिससे एक ही स्थान पर आपको कई महादेवों के दर्शन का पुण्य मिल जाता है।
  • कैसे पहुँचें: महाकालेश्वर मंदिर या रामघाट से आप ऑटो, ई-रिक्शा या पैदल ही गंधर्व घाट आसानी से पहुँच सकते हैं।

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श्री कामेश्वर महादेव मंदिर का अनूठा और दिव्य स्वरूप (Kameshwar Mahadev Temple Architecture)

Mankamaneshwar Mahadev Temple Ujjain का वातावरण शिप्रा के बहते जल के कारण बेहद शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है

  • यहाँ स्थापित भगवान कामेश्वर का प्राचीन शिवलिंग करीब 4 इंच ऊँचा है, जो बहुत ही सुंदर और अलौकिक दिखाई देता है।
  • यह शिवलिंग करीब 3 फीट चौड़ी उत्तर मुखी पीतल की जलाधारी के मध्य में स्थित है, जिसमें पीतल का एक सुंदर नाग शिवलिंग की ओर आता हुआ दिखाई देता है।
  • मंदिर के पश्चिमी द्वार के पास साढ़े चार फीट ऊंचे एक पुराने काले पत्थर पर जगन्माता पार्वती, गौरी नंदन गणेश और देव सेनापति कार्तिकेय जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमाएं उत्कीर्ण हैं।
  • मंदिर के बाहर लगभग 250 वर्ग फुट के खुले प्रांगण में चार प्राचीन काले पत्थरों के सुंदर खंभों के बीच संगमरमर से बने नंदी महाराज विराजमान हैं।

श्री कामेश्वर महादेव की पौराणिक कथा (Ancient Legend of Kameshwar Mahadev)

स्कंद पुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती के पूछने पर स्वयं भगवान शिव ने इस मंदिर की उत्पत्ति की कथा सुनाई थी:

सृष्टि के प्रारंभ में जब ब्रह्मा जी ध्यान कर रहे थे, तब उनके सामने एक अत्यंत सुंदर बालक प्रकट हुआ। ब्रह्मा जी ने उसका नाम ‘कंदर्प’ रखा। बाद में ब्रह्मा जी ने उसे फूलों का धनुष और पाँच दिव्य बाण देकर सृष्टि के काम-चक्र को चलाने की जिम्मेदारी सौंपी। अपनी अद्भुत सुंदरता के कारण वे ‘कामदेव’ कहलाए और उनका विवाह देवी रति से हुआ

एक बार भगवान शिव घोर तपस्या में लीन थे। उस समय तारकासुर नाम के राक्षस का आतंक बहुत बढ़ गया था, जिसका वध केवल शिव जी के पुत्र के हाथों ही हो सकता था। शिव जी की समाधि तोड़ने और उनके मन में माता पार्वती के प्रति प्रेम जगाने के लिए देवराज इंद्र के कहने पर कामदेव ने शिव जी पर अपना काम-बाण चला दिया

बाण लगते ही शिव जी की समाधि टूट गई और वे अत्यंत क्रोधित हो उठे। उन्होंने तुरंत अपना तीसरा नेत्र खोला, जिसकी भयानक क्रोधाग्नि से कामदेव वहीं जलकर भस्म (बिना शरीर के यानी ‘अनंग’) हो गए

पति के भस्म होने पर रति विलाप करने लगीं। तब महादेव ने रति को सांत्वना दी और देवताओं की सलाह पर कामदेव को महाकाल वन (उज्जैन) में जाकर तपस्या करने को कहा। कामदेव ने इसी गंधर्व घाट पर आकर गुप्त रूप से इस दिव्य शिवलिंग की कठोर आराधना की

कामदेव की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें वरदान दिया, “द्वापर युग में तुम भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के घर ‘प्रद्युम्न’ के रूप में जन्म लोगे और तुम्हें पुनः शारीरिक रूप में रति प्राप्त होंगी।” कामदेव की इच्छा (कामना) पूरी करने के कारण ही इस शिवलिंग का नाम Kameshwar या मनकामेश्वर पड़ा।

श्री कामेश्वर महादेव के दर्शन के लाभ (Significance & Benefits of Worshiping Kameshwar Mahadev)

मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति: ऐसी मान्यता है कि जो भी अविवाहित युवक या युवती यहाँ आकर श्रद्धापूर्वक जल और बेलपत्र चढ़ाते हैं, उन्हें एक सुंदर, सुशील और मनपसंद जीवनसाथी मिलता है

दांपत्य जीवन में मधुरता: वैवाहिक जोड़ों के लिए यहाँ दर्शन करना बहुत फलदायी माना जाता है। इससे आपसी क्लेश दूर होते हैं, वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और स्वस्थ संतान की प्राप्ति होती है

सौंदर्य और तेज की प्राप्ति: इस शिवलिंग की आराधना से व्यक्ति के रूप, तेज और आकर्षण में वृद्धि होती है

मन की चंचलता पर नियंत्रण: कामदेव ने यहाँ अपनी वासना को शांत कर शिवभक्ति पाई थी, इसलिए यहाँ दर्शन करने से मन की चंचलता दूर होती है और सात्विक विचारों का उदय होता है

Kameshwar Mahadev ke दर्शन के लिए सबसे उत्तम और शुभ समय (Best Time to Visit)

वैसे तो श्रद्धालु यहाँ प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ खास अवसरों पर यहाँ की गई पूजा का अनंत गुना फल मिलता है:

  • सावन (श्रावण) का पवित्र महीना और अधिक मास (पुरुषोत्तम मास)।
  • सोमवार का दिन
  • महाशिवरात्रि, इस दिन मंदिर में विशेष रूप से फूलों का श्रृंगार किया जाता है और रुद्राभिषेक का आयोजन होता है।

FAQ: Kameshwar Mahadev Mandir उज्जैन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल

प्रश्न 1: चौरासी महादेव यात्रा में Kameshwar Mahadev का कौन सा स्थान है?

उत्तर: श्री कामेश्वर महादेव (मनकामेश्वर महादेव) उज्जैन की प्रसिद्ध चौरासी महादेव यात्रा के 13th क्रम पर आते हैं।

प्रश्न 2: Kameshwar Mahadev का मंदिर उज्जैन में कहाँ स्थित है?

उत्तर: यह मंदिर उज्जैन में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर गंधर्व घाट पर, पुरानी छोटी रपट के समीप स्थित है।

प्रश्न 3: कामेश्वर महादेव की कथा किससे जुड़ी हुई है?

उत्तर: कामेश्वर महादेव की पौराणिक कथा कामदेव के भस्म होने और पुनः शारीरिक रूप पाने के लिए महाकाल वन में उनके द्वारा की गई घोर तपस्या से जुड़ी हुई है।

Disclaimer: दोस्तों, यह जानकारी इंटरनेट सोर्सेज से ली गयी है। लेकिन आप अगर यात्रा पर जाये तो पहले अच्छे से पता कर ले। धर्मकहानी का उद्देश्य सटीक सूचना आप तक पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता सावधानी पूर्वक पढ़ और समझकर ही लें। अगर इसमें आपको कोई गलती लगाती है तो कृपया आप हमें हमारे ऑफिसियल ईमेल पर जरूर बताये।

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